1. जब आई थी घर में..
    नन्हीं सी चंचल सी...
    अपनी प्यारी सी शेतानियो से..
    सबको अपना बना लेती थी...
    एक बार जो तुझसे मिला..
    उसकी यादों में तू बस गई..
    तेरी शेतानियो पर..
    कभी गुस्सा तो कभी प्यार आया...
    तेरी शेतानियो ने सबको..
    तेरा ही बना दीया...
    पर वक्त को ये रास नही आया..
    वो तो तुझे ले गया.
    पर तेरी शेतानिया, चंचलता..
    हमारे मन में छोड़ गया...
    अब जब सब पूछेंगे तेरे बारे में.
    तो अब कहूँगा ..
    तू हमे छोड़ गई...
    अब तो तेरी याद है बस !
    हमेशा रहेगी...!